इन्द्रप्रस्थ अध्ययन केंद्र द्वारा सिविल सेवा परिक्षाओं में चयनित अभ्यर्थियों के साथ एक प्रेरक संवाद का आयोजन

इंद्रप्रस्थ अध्ययन केंद्रदिल्ली एवं एम.सी.डी न्यूज़ के संयुक्त तत्वाधान में इन्द्रप्रस्थ अध्ययन केंद्र, श्री राम कुटीर, -1/7, द्वितीय तल, चाणक्य प्लेस, पंखा रोड, नई दिल्ली-59 के पब्लिक लाइब्रेरी में 19 अप्रैल, 2019 को सिविल सेवा परिक्षाओं में चयनित अभ्यर्थियों के साथ एक प्रेरक संवाद रखा गया इस प्रेरक संवाद में सिविल सेवा परीक्षाओं के चयनित अभ्यर्थियों के रूप में डॉ. सत्येंद्र सिंह, डॉ. पूजा गुप्ता एवं केशव गोयल मौजूद थे एवं मुख्य अतिथि के तौर पर डॉ. विशाल आमंत्रित थे जो कि राजधानी कॉलेज के भौतिक विज्ञान विभाग में सहायक प्राध्यापक है और सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी करवाने के लिए जाने जाते हैं इस प्रेरक संवाद को सुनने के लिए दिल्ली एनसीआर के लगभग 60 श्रोतागण आये थे

कार्यक्रम की शुरुआत एक प्रेरक सामूहिक गीत से हुई उसके पश्चात सभी आमंत्रित चयनित अभ्यर्थियों एवं मुख्य अतिथि को सम्मानित किया गया

वही दूसरी ओर इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर आमंत्रित  डॉ. विशाल ने बताया – “सिविल सेवा की परीक्षा दुनिया का सबसे सस्ता सरकारी नौकरी पाने वाला परीक्षा है मेरा मानना है कि एक बार सभी को यह परीक्षा देना चाहिए क्योंकि इस परीक्षा में कई प्रकार के विषयों को अध्ययन करने का मौका एक अभ्यर्थी को मिलता है जिससे वह स्वयं को इन विषयों में सही प्रकार से तैयार कर सकता है

कार्यक्रम में पहले बोलते हुए डॉ. सत्येंद्र सिंह ने बताया कि कैसे उन्होंने अपने दिव्यांगता को पराजित कर वे सिविल सेवा की परीक्षा में सफल हुए उन्होंने बताया कि जिस प्रकार से यदि वर्षों तक एक धागे से बंधे हाथी को यह विश्वास दिलाया जाए कि वह उस धागे को तोर नहीं सकता तो हाथी धागे को तोड़ने से पूर्व सदैव हिचकिचाएगा उसी प्रकार सिविल सेवा परीक्षा को सफल करने को यदि आपके अंदर विश्वास नहीं हैं तो आप कभी भी इस परीक्षा में सफल नहीं हो सकते।

इस प्रेरक संवाद में दूसरी आमंत्रित अभ्यर्थी डॉ. पूजा गुप्ता (जो पेशे से दांत की डॉक्टर है) ने बताया कि कैसे उन्होंने एक लड़की होते हुए समाज एवं अपने दैनिक चुनौतियों को पराजित कर अपने आत्मविश्वास, लगन और संतुलित परिश्रम के बलबूते सिविल सेवा परीक्षा में अपने पहले ही प्रयास में सफल हुई

तीसरे आमंत्रित अभ्यर्थी श्री केशव गोयल ने बताया – “ मैं पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट था और एक अच्छी कंपनी मैं कार्यरत था लेकिन देश के एक रेलवे स्टेशन की दुर्गति देख मैंने केवल अपनी नौकरी को अलविदा कहा बल्कि अपने अमेरिका में बसने की विचार को छोड़ सिविल सेवा परीक्षा को देने का मन बनाया।केशव ने बताया कि सिविल सेवा परीक्षा में उतीर्ण होने के लिए चार चीजों की आवश्यकता किसी अभिव्यर्थी को होती हैएक डेढ़ बाई डेढ़ साइज का कमरा, अभिव्यर्थी, पढ़ाई करने की उसकी रणनीति और उसकी निष्ठा

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आरएसएस के उत्तर क्षेत्र बौद्धिक शिक्षण प्रमुख श्रीमान अजेय कुमार जी ने कहा कि सिविल सेवा परीक्षा देश के प्रशासन को चलाने का अभिव्यर्थी को मौका देता है लेकिन उस अभिव्यर्थी को यह समझने की आवश्यकता है कि वह भारत की संस्कृति, इस देश की सनातन और मूलभूत शिक्षासर्वे भवन्तु सुखिनःको ध्यान में रखकर लोक कल्याण का कार्य करें।

इस प्रेरक संवाद कार्यकम में इन्द्रप्रस्थ अध्ययन केंद्र एवं आरएसएस के प्रांत की टोली के सदस्य एवं विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्राध्यापक, शिक्षक एवं छात्र भी मजूद थे इस कार्यक्रम का मंच संचालन मीना जी (एम.सी.डी न्यूज़) एवं विवेक जी (राजधानी कॉलेज के भौतिक विज्ञान विभाग के सहायक प्राध्यापक) ने किया

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