इन्द्रप्रस्थ अध्ययन केंद्र द्वारा “दलित चिंतन – एक सकारात्मक पहल” पर संगोष्ठी एवं पुस्तक विमोचन

इन्द्रप्रस्थ अध्ययन केंद्र, दिल्ली के द्वारा 17 अगस्त, 2019 (शनिवार) को “दलित चिंतन – एक सकारात्मक पहल” (राष्ट्रीय एवं सामाजिक एकता की दृष्टि से) एक प्रेरक संवाद का आयोजन A-7, श्रीराम कुटीर, चाणक्य प्लेस, नयी दिल्ली – 59 में किया गया | इन्द्रप्रस्थ अध्ययन केंद्र के इस प्रेरक संवाद में विविध क्षेत्रों के बुद्धिजीवी शिक्षक, प्राध्यापक, शिक्षार्थी एवं शोधार्थी वर्ग ने अपनी उपस्थिति दर्ज करायी | मंचस्थ सम्मानित अतिथिगणों में श्री अमर शंकर साबले (सांसद सदस्य, राज्य सभा), श्री भीकू राम जी इदाते (दादा) (अध्यक्ष, विमुक्त घुमंतू जनजाति तथा कल्याण बोर्ड), डॉ. मालती (सेवा निर्वित प्राचार्य, कालिंदी महाविद्यालय), श्रीमान अजेय कुमार जी (उत्तर क्षेत्र बौधिक शिक्षण प्रमुख) एवं श्री विनोद “विवेक” शर्मा जी (अध्यक्ष, इन्द्रप्रस्थ अध्ययन केंद्र) मंच पर उपस्थित रहे जिनके मार्गदर्शन से समस्त कार्यक्रम पुर्णतः को प्राप्त कर सका |

(क). बायीं तस्वीर में सबसे आगे श्री भीकू राम (दादा) जी और उनके पीछे बायीं ओर में श्री अमर शंकर साबले; (ख). दाहिने तस्वीर में बायीं से दाई ओर – श्रीमान अजेय कुमार जी, श्री भीकू राम (दादा) जी, श्री अमर शंकर साबले एवं डॉ. मालती

कार्यक्रम की शुरुआत हेतु माँ सरस्वती की चरणों में पुष्पांजलि अर्पित की गयी | तत्पश्चात मुख्य अतिथियों का स्वागत किया गया | इसके बाद श्री विनोद “विवेक” शर्मा जी ने इन्द्रप्रस्थ अध्ययन केंद्र के कार्यों एवं उपरोक्त  विषय का विस्तारपूर्वक परिचय करवाया | तत्पश्चात इस संगोष्ठी में मंचस्थ सम्मानित अतिथिगणों के करकमलों द्वारा “अनुसूचित जाति (दलित) : एक और वार्ता” पुस्तक का विमोचन किया गया |

(क). बायीं तस्वीर में मुख्य अतिथिगणों का सम्मानित करते डॉ. मोनिका जी (बायीं तस्वीर में) एवं डॉ. सतीश (दाहिने तस्वीर में); (ख). दाहिने तस्वीर में मंचस्थ सम्मानित अतिथिगणों के करकमलों द्वारा “अनुसूचित जाति (दलित) : एक और वार्ता” पुस्तक का विमोचन

अध्यक्षीय वक्तव्य देते हुए श्री अमर शंकर साबले जी ने “अध्यापन की महत्ता” को प्रस्थापित करते हुए बताया कि चिंतन के केंद्र में अध्ययन द्वारा स्वयं की लड़ाईयां जीतने से पहले स्वयं को जीतना जरुरी हैं | इसके साथ उन्होंने प्रेरक संवाद के बीज बिंदु “दलित चिंतन” पर दलित संघर्ष की समस्या का समाधान मानवत्व के साथ एवं समरसत्व के भाव से करने को कहा | तत्पश्चात मुख्य वक्ता श्री भीकू राम इदाते (दादा) जी द्वारा बताया गया कि किसी भी समस्या पर चिंतन पुरे उसके ऐतिहासिक चिंतन एवं व्यवाहरिक परिपेक्ष्य में करना चाहिए | इस बात को आधार मानते हुए उन्होंने “दलित चिंतन : एक सकारात्मक पहल” पर राष्ट्रीय एवं सामाजिक एकता के विविध उदहरणों द्वारा अपने विचार प्रस्तुत किये |

(क). बायीं तस्वीर में अध्यक्षीय वक्तव्य देते हुए श्री अमर शंकर साबले जी; (ख). दाहिने तस्वीर में “दलित चिंतन : एक सकारात्मक पहल” अपना विषय रखते श्री भीकू राम इदाते (दादा) जी

श्री भीकू राम इदाते (दादा) जी के ओजस्वी एवं प्रखर वक्तव्य के बाद श्रोतागणों ने संगोष्ठी में आये मुख्य वक्ताओं से अनेक प्रश्नों द्वारा अपने जिज्ञासा को साँझा किया |  कार्यक्रम के अंत में विकास जी (सहायक प्राध्यापक, वेंकटेश्वर महाविद्यालय) द्वारा धन्यवाद ज्ञापन दिया गया | मंच संचालन का कार्य मनीषा पाहुजा जी द्वारा किया गया |

– आईटी  ईवा मीडिया समूह (इन्द्रप्रस्थ अध्ययन केंद्र)

 

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