राष्ट्रीय शिक्षा नीति, सनातन संस्कृति एवं योग राष्ट्रीय वेब गोष्टी दिन-2

चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ
एवं इन्द्रप्रस्थ अध्ययन केन्द्र, दिल्ली के सयुक्त तत्वाधान से दिनांक 20 – 21 सितम्बर 2020, समय अपराह्न 04:00
दो दिवसीय राष्ट्रीय वेब-गोष्ठी का अयोजन किया गया ।
द्वितिय दिवस: 21/09/20
विषय: “राष्ट्रीय शिक्षा नीति
कार्यक्रम का शुभारंभ 4:00 बजे हुआ डाॅ० राजेन्द्र पांडे जी(चौ० च०सिं०वि०वि०मेरठ) सदस्य अध्ययन केन्द्र द्वारा सभी का स्वागत व अभिनन्दन किया गया । उसके पश्चात श्रीमति ज्ञानिका शुक्ला जी द्वारा माॅ सरस्वती वन्दना किया गया ।
अतिथि परिचय व स्वागत डाॅ०प्रवीण कुमार(चौ०च०सिं०वि०वि०मेरठ)कार्यकम सचिव व सदस्य इन्द्रप्रस्थ अध्यन केंद्र )/ डॉ० राजेंद्र पांडे जी ( (चौ०च०सिं०वि०वि०मेरठ) सदस्य इन्द्रप्रस्थ अध्यन केंद्र) द्वारा दिया गया ।
डॉ० राजेंद्र पांडे जी द्वारा सर्व प्रथम आमंत्रित किया
श्रीमान मूलचन्द्र सिंह जी सह मुख्य शिक्षक अध्ययन केन्द्र जिन्होंने इन्द्रप्रस्थ अध्ययन केन्द्र, दिल्ली के उद्देश्य व किये जा रहे कार्य को सभी के समक्ष रखा ।
तत्पश्चात डाॅ०प्रवीण कुमार द्वारा आमंत्रित किया गया
*मुख्य वक्ता माननीय अतुल कोठारी जी शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव ने नई शिक्षा नीति को समग्र दृष्टि की शिक्षा कहा। आपने इस शिक्षा नीति की विशेषताओं पर ध्यान डालते हुए कहा कि यह भारतीय संस्कृतिके जीवन मूल्यों पर आधारित है । इसमें बाल्यावस्था की शिक्षा की और ध्यान दिया है। जो 3 वर्ष की आयु से ही शुरु हो जाती है । यह मातृभाषा में शिक्षा की बात करती है जिससे बालकों की नीव को मजबूती प्रदान करेंगी। इसका केन्द्र बिन्दु भारतीयता का सृजन कर्ण है।

विशिष्ट अतिथि: प्रो० राजवीर सिंह सोलंकी जी कुलपति चौधरी राणवीर विश्वविद्यालय, जींद हरियाणा ने नई शिक्षा नीति को ऐसी शिक्षा नीति कहा जी समन्वय का निर्माण करती है विद्यालयी व्यव्स्था एवं उच्च शिक्षा में । यह शिक्षा नीति अंतरराष्ट्रीय मानकों पर आधारित है और सतत् विकास लक्षयो को पूरा करती है । आपने इस नीति के लागू होने में आने वाली कठिनाइयों की ओर ध्यान दिलाया।

            

कार्यक्रम अध्यक्ष चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो० नरेन्द्र कुमार तनेजा जी शिक्षा के मह्त्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह शिक्षा मात्र किताबी जानकारी को रटने का नाम नहीं है बल्कि जीवन की हर परिस्थिति से तालमेल बिठाने का नाम है। नई शिक्षा नीति को प्रभावी रूप से लागू करने में शिक्षकों की भूमिका अहम रहने वाली है कि ये कैसे अपने आपको इसके लिए तैयार करते है और इसे लागू करने में राज्यों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है ।
सभी के उदबोधन के पश्चात
धन्यवाद प्रस्तावना डाॅ० सीमा सदस्य अध्ययन केन्द्र द्वारा किया गया ।
कार्यक्रम सम्पन्न कल्याण मंत्र श्रीमान मूलचन्द्र सह मुख्य शिक्षक अध्ययन केन्द्र द्वारा किया गया ।
कार्यक्रम का संचालन डॉ० प्रवीण कुमार/ डाॅ० सीमा / डॉ० राजेंद्र पांडे जी द्वारा रहा।
कार्यक्रम में उपस्थित रहे अध्ययन केन्द्र मार्गदर्शक मा० श्री अजेय कुमार जी क्षेत्रीय बौद्धिक शिक्षण प्रमुख , मा0 श्री कृपा शंकर जी क्षेत्रीय प्रचार प्रमुख पश्चिमी उत्तर प्रदेश, आदरणीय श्री राम अवतार जी मेरठ प्रांत संगठन मंत्री इतिहास संकलन योजना, संयोजक प्रोफेसर विजय जायसवाल जी, कार्यक्रम सचिव ड़ॉ प्रवीण कुमार सह सचिव मूलचंद सिंह , डॉ० विकास शर्मा, डॉ० मोनिका, श्री ललित पराशर जी , श्री जगदीश जी व अन्य अध्ययन केन्द्र के सभी कार्यकर्ता चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय विश्वविद्यालय से प्रति कुलपति प्रो वाई विमला जी, प्रो शैलेन्द्र सिंह गौरव , प्रोफेसर रुप नारायण जी, Prashant Tyagi Ji, व युगल किशोर, डॉ आराधन जी, राजीव जी, डॉ अमितेश शर्मा जी व विश्वविद्यालय के अन्य शिक्षकों छात्रों का का कार्यक्रमा मे रहना हुआ कार्यक्रम मे भारत वर्ष के विभिन्न विश्वविद्यालय राज्यो से 2735 प्रतिभागीयो द्वारा पंजीकरण करवाया गया था । गूगल मीट व फेसबुक लाइव प्रेणना मिडिया द्वारा कार्यक्रम को लाइव दिखाया गया व इन्ही के माध्यम से सभी की सहभागिता की गई और अभी तक इस कार्यक्रम को भारतवर्ष में 6.1 हजार लोगों द्वारा देखा गया है ।
इस कार्यक्रम को हिन्दुस्तान अखबार, दैनिक जागरण, अमर उजाला, जनवाणी व अन्य कई समचार पत्रों में स्थान दिया गया है ।

Take Survery

To help us improvement!