श्री रामचरितमानस व्याख्यान माला -2 वृत्त विवरण

श्री रामचरितमानस व्याख्यान माला -2 वृत्त विवरण

साहित्य समूह, इंद्रप्रस्थ अध्ययन केन्द्र द्वारा दिनांक 09.08.2020 (रविवार) को तुलसी कृत श्री रामचरितमानस में विश्व मंगल की कामना विषय पर श्री रामचरित मानस व्याख्यानमाला -2 का आयोजन गूगल मीट के माध्यम से किया गया। व्याख्यान माला का प्रारंभ गायत्री मंत्र के माध्यम से डॉ. सुमन (प्राध्यापिका, SOL) ने किया। उसके पश्चात डॉ. विकास शर्मा (साहित्य समूह प्रमुख) के द्वारा मुख्य वक्ता और व्याख्यान माला में उपस्थित प्रमुख सदस्यों का परिचय कराया गया। व्याख्यान माला में डॉ. वेद प्रकाश जी (प्राध्यापक, हंसराज महाविद्यालय, DU) ने प्रस्तुत विषय पर अपने विचार रखे । उन्होंने बताया कि भारतीय संस्कृति में रामचरितमानस का स्थान अद्भुत महत्वपूर्ण है। उसमें गुरु महत्व ,प्रभु पर विश्वास ,माता-पिता का सम्मान, मर्यादित श्री रामचंद्र जी का अनुसरण करने का अनुरोध, धर्म का अभाव -दुख का मूल कारण आदि सभी भाव समाहित हैं। उन्होंने श्री राम चरिमानस के विश्व मांगल्य स्वरूप को विस्तृत रूप से प्रबुद्ध जनों के समक्ष रखा।

उसके पश्चात श्री अजेय कुमार जी (शिक्षण बौद्धिक प्रमुख, उत्तर क्षेत्र, RSS) जी का प्रस्तुत विषय पर सानिध्य प्राप्त हुआ। उन्होंने श्री रामचंद्र जी के प्रति मनोभाव व्यक्त किए। आज के दिन का महत्व बताया कि आज 1942 भारत छोड़ो आंदोलन का स्मृति दिवस और वनवासी दिवस भी है वही राम मंदिर के शिलान्यास पर पूरे विश्व को बधाई दी। श्री रामचंद्र जी के शाश्वत स्वरूप, आदर्श स्वरूप और सनातन स्वरूप से परिचित करवाया । श्रीरामचरितमानस विश्व मंगल की कामना को दर्शाता है ऐसे भाव से श्री रामचंद्र जी का नमन किया ।

व्याख्यानमाला का धन्यवाद ज्ञापन डॉ सतीश जी (प्राध्यापक, शहीद भगत सिंह महाविद्यालय व श्रेणी प्रमुख) के द्वारा दिया गया। व्याख्यान माला का संचालन डॉ. वरुण (प्राध्यापक, श्याम लाल महाविद्यालय) ने किया तथा समापन श्री राहुल जी (सदस्य, साहित्य समूह) ने कल्याण मंत्र से किया। इस व्याख्यानमाला में डॉ. मालती जी (पूर्व प्राचार्या, कालिंदी महाविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय), डॉ. रमा शर्मा (प्राचार्या, हंसराज महाविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय), श्री कुलदीप जी (समूह प्रमुख, ई. अ. के.), श्री ललित पराशर जी (इकाई प्रमुख, ई. अ. के) व प्रान्त के अन्य सदस्यों सहित 72 विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्राध्यापक, शोधार्थी व अन्य प्रबुद्ध जन उपस्थित रहे।

साहित्य समूह प्रमुख
डॉ. विकास शर्मा
9910770082

 

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