“श्रीराम जन्मभूमि- न्यायालय, राजनीति या आस्था” विषय पर गोष्ठी का आयोजन

इंद्रप्रस्थ अध्ययन केंद्रपूर्वी इकाई के द्वारा 24 नवम्बर, 2018 (शनिवार) को श्रीराम जन्मभूमि– न्यायालयराजनीति या आस्था विषय पर गोष्ठी का आयोजन प्रीत विहार, दिल्ली में किया गया। गोष्ठी का समय सांयः 3:30 बजे से सांयः 6:00 बजे तक था। गोष्ठी के मुख्य वक्ता श्री विनोद बंसल जी  (प्रवक्ताविश्व हिंदू परिषद ) के द्वारा विषय पर उद्बोधन दिया गया, जिसमे उन्होंने राम मंदिर निर्माण के सभी पक्षों (यथा न्यायालय, राजनीति व आस्था ) को विस्तार से सभा के समक्ष रखा। उन्होंने कहा कि तर्कों तथ्यों के द्वारा यह सिद्ध हो चुका है कि अयोध्या में विवादित जमीन श्रीराम जन्मभूमि की है और वहाँ भव्य राममंदिर का निर्माण यथाशीघ्र किया जाना चाहिए।

गोष्ठी की अन्य मुख्य वक्ता सुश्री नूपुर शर्मा जी (प्रवक्ता.जा.पा.) ने राम मंदिर के राजनीतिक व न्यायालयिक पक्ष को तथ्यों के साथ सभा के मध्य रखा, उन्होंने बताया कि यह सिद्ध हो चुका है कि विवादित हिस्सा मंदिर का भाग है लेकिन फिर भी निर्णय में देरी हो रही है । उन्होंने आगे बताया कि यह श्रीराम जन्मभूमि केवल एक जमीन का टुकड़ा नहीं होकर हिंदुओं के लिए केवल श्रद्धा व संस्कृति का प्रतीक है। अतः जिस प्रकार  मुसलमानों के लिए मक्का है..ईसाइयों के लिए येरुशलम है..उसी प्रकार हिन्दुओं के लिए भी अयोध्या है।

कार्यक्रम की अध्यक्षा श्रीमती लीलावन्ती जी(शिक्षाविद्  समाजसेविका) ने कार्यकत्ताओं का उत्साह वर्धन किया तथा अपने आशीर्वचनों से युवाओं का मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम का मंच संचालन सुश्री यशिका व बबली जी द्वारा किया गया तथा श्री  तरुण गर्ग जी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन दिया गया। गोष्ठी में इंद्रप्रस्थ अध्ययन केंद्र की केंद्रीय टोली के सदस्य एवं रा.स्व.संघ के कई वरिष्ठ कार्यकर्त्ता भी उपस्थित रहे तथा  कार्यक्रम में कुल 168 प्रबुध्द जन उपस्थित रहे ।

इंद्रप्रस्थ अध्ययन केंद्र, पूर्वी इकाई